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स्टार लेबलिंग कार्यक्रम भारत | BEE ऊर्जा दक्षता योजना | UPSC करंट अफेयर्स 2026


 

स्टार लेबलिंग कार्यक्रम (भारत) | BEE ऊर्जा दक्षता योजना | UPSC करंट अफेयर्स 2026

खबरों में क्यों?

सरकार ने एसी, टीवी, रेफ्रिजरेटर सहित विभिन्न विद्युत उपकरणों के निर्माताओं के लिए दंड (Penalty) प्रावधान अधिसूचित किए हैं।
यदि किसी उत्पाद की वास्तविक ऊर्जा खपत, स्टार रेटिंग लेबल पर घोषित खपत से भिन्न पाई जाती है, तो संबंधित निर्माता पर कार्रवाई की जाएगी।

📌 यह कदम उपभोक्ता संरक्षण, पारदर्शिता और ऊर्जा दक्षता शासन को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण है।


मानक एवं लेबलिंग (Standard & Labelling – S&L) कार्यक्रम क्या है?

स्टार लेबलिंग कार्यक्रम भारत सरकार की एक प्रमुख ऊर्जा दक्षता पहल है, जिसका उद्देश्य घरेलू एवं औद्योगिक उपकरणों की बिजली खपत को कम करना है।

मंत्रालय एवं प्रशासन

  • मंत्रालय: विद्युत मंत्रालय
  • प्रशासक: ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE)

👉 BEE एक वैधानिक संस्था है, जिसकी स्थापना ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001 के अंतर्गत की गई।

📌 UPSC Prelims तथ्य: BEE → Ministry of Power


स्टार लेबलिंग कार्यक्रम के उद्देश्य

1️⃣ ऊर्जा खपत में कमी
2️⃣ ऊर्जा-कुशल (Energy Efficient) तकनीकों को बढ़ावा
3️⃣ उपभोक्ताओं को सूचित विकल्प चुनने में सक्षम बनाना, जैसे:

  • बिजली बिल
  • ऊर्जा प्रदर्शन
  • दीर्घकालिक लागत बचत

📌 UPSC GS-III: मांग-पक्ष ऊर्जा दक्षता, बिजली उत्पादन बढ़ाने से सस्ती और टिकाऊ रणनीति है।


स्टार लेबलिंग क्या है?

  • उपकरणों को 1-स्टार से 5-स्टार तक रेट किया जाता है
  • 5-स्टार = सबसे अधिक ऊर्जा दक्ष

  • लेबल पर दी जाती है जानकारी:

    वार्षिक ऊर्जा खपत
  • ऊर्जा दक्षता स्तर
  • ब्रांड और मॉडल विवरण

📌 इससे उपभोक्ता उच्च प्रारंभिक लागत बनाम दीर्घकालिक बचत का संतुलन समझ पाते हैं।


कार्यक्रम के अंतर्गत कवरेज

  • 40 से अधिक उपकरणों और सामग्रियों को कवर करता है
  • दो प्रकार की लेबलिंग:
  • 🔹 अनिवार्य लेबलिंग
  • 🔹 स्वैच्छिक लेबलिंग

📌 अनिवार्य श्रेणी में वे उपकरण आते हैं, जिनकी ऊर्जा खपत अधिक होती है।


अनिवार्य स्टार लेबलिंग वाले उपकरण

भारत में निम्नलिखित उपकरणों पर स्टार लेबल अनिवार्य है:

  • रेफ्रिजरेटर
  • डीप फ्रीज़र
  • एयर कंडीशनर
  • पंखे
  • टेलीविजन
  • वाशिंग मशीन
  • चिलर
  • इलेक्ट्रिक गीजर
  • वितरण ट्रांसफॉर्मर
  • ट्यूबलर फ्लोरोसेंट लैंप
  • एलईडी लैंप
  • इंडक्शन हॉब
  • सोलर इन्वर्टर
  • घरेलू एलपीजी स्टोव

📌 UPSC Note: अनिवार्यता का आधार → उच्च ऊर्जा खपत


हालिया अधिसूचना: दंड (Penalty) प्रावधान

सरकार के नए नियमों के अनुसार:

  • यदि वास्तविक ऊर्जा खपत ≠ घोषित स्टार रेटिंग,तो निर्माता पर दंड लगाया जाएगा।इससे क्या सुनिश्चित होगा?
  • लेबल की सटीकता
  • निर्माता की जवाबदेही
  • उपभोक्ता का विश्वास

📌 यह कदम भ्रामक विज्ञापन और गलत ऊर्जा दावों पर रोक लगाएगा।


भारत में स्टार लेबलिंग का महत्व

🔹 आर्थिक महत्व
घरेलू बिजली बिल में कमी
पीक डिमांड घटती है
बिजली सब्सिडी का बोझ कम
🔹 पर्यावरणीय महत्व
ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कमी
भारत की जलवायु प्रतिबद्धताओं (NDCs) को समर्थन
🔹 शासन (Governance)
पारदर्शी और नैतिक विनिर्माण
उपभोक्ता-केंद्रित नीति निर्माण

परीक्षा हेतु 2-मिनट की त्वरित पुनरावृत्ति

  • स्टार लेबलिंग → ऊर्जा संरक्षण अधिनियम, 2001
  • प्रशासक → ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE)
  • मंत्रालय → विद्युत मंत्रालय
  • 1–5 स्टार रेटिंग (5-स्टार सर्वश्रेष्ठ)
  • 40+ उपकरण कवर
  • उच्च ऊर्जा खपत वाले उपकरण → अनिवार्य
  • हालिया कदम → गलत ऊर्जा दावों पर दंड
  • प्रमुख शब्द:

मांग-पक्ष प्रबंधन | ऊर्जा दक्षता | उपभोक्ता जागरूकता | जलवायु शमन

📌 UPSC Prelims संभावित प्रश्न

प्रश्न: भारत में स्टार लेबलिंग कार्यक्रम किस संस्था द्वारा प्रशासित किया जाता है?
उत्तर: ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (BEE)



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