सावित्रीबाई फुले | महिला शिक्षा की जननी | UPSC करंट अफेयर्स 2026
खबरों में व्यक्तित्व: सावित्रीबाई फुले
हाल ही में, प्रधानमंत्री ने सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस दौरान औपनिवेशिक भारत में महिला शिक्षा, सामाजिक न्याय और जाति सुधार में उनके अतुलनीय योगदान को याद किया गया।
यह विषय UPSC, BPSC, UPPSC, SSC और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
सावित्रीबाई फुले का परिचय (Savitribai Phule Biography)
- जन्म: 1831
- जन्म स्थान: सतारा जिला, महाराष्ट्र
- निधन: 1897
- काल: ब्रिटिश औपनिवेशिक शासन
- पहचान: भारत की पहली महिला शिक्षिका
ऐतिहासिक उपलब्धियाँ
- भारत की पहली महिला शिक्षिका
- 1848 में पुणे के पहले बालिका विद्यालय की पहली प्रधानाध्यापिका
- महिला शिक्षा आंदोलन की आधारशिला रखने वाली समाज सुधारक
📌 UPSC GS-I: सामाजिक सुधार आंदोलन
📌 GS-IV: नैतिक साहस और सामाजिक मूल्य
सावित्रीबाई फुले के प्रमुख योगदान
1️⃣ महिला अधिकार और सामाजिक सुधार
- महिला सेवा मंडल की स्थापना
- महिला शिक्षा, विधवा पुनर्विवाह और महिला सम्मान की वकालत
बालहत्या प्रतिबंधक गृह
गर्भवती विधवाओं और असहाय महिलाओं के लिए आश्रय- कन्या भ्रूण एवं शिशु हत्या रोकने का प्रयास
सत्यशोधक विवाह
बिना दहेज- बिना ब्राह्मणवादी कर्मकांड
- 📌 GS-IV: सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध नैतिक नेतृत्व
2️⃣ महिला शिक्षा की अग्रदूत
- नेटिव फीमेल स्कूल, पुणे की स्थापना
उस समय शिक्षा दी जब:
लड़कियों की पढ़ाई को पाप माना जाता था- समाज द्वारा अपमान और हिंसा झेलनी पड़ी
- शिक्षा को मुक्ति और समानता का साधन माना
📌 GS-I एवं GS-II: समावेशी विकास, शिक्षा नीति
3️⃣ जाति-विरोधी और सामाजिक समावेशन
- हाशिए के समुदायों को शिक्षा:
- महार
- मांग
- जाति आधारित भेदभाव और ब्राह्मणवादी पितृसत्ता को चुनौती
- ज्योतिबा फुले के साथ सत्यशोधक समाज में सक्रिय भूमिका
📌 UPSC Perspective: संविधान में निहित सामाजिक न्याय के प्रारंभिक विचार
4️⃣ साहित्यिक योगदान
- काव्यफुले
- शिक्षा, तर्क और समानता पर आधारित कविताएँ
बावन काशी सुबोध रत्नाकर
- सामाजिक-नैतिक चेतना का साहित्य
- साहित्य को जन-जागरण का माध्यम बनाया
सावित्रीबाई फुले से जुड़े मूल्य (Ethical Values)
- समानता (Gender & Caste Equality)
- सामाजिक न्याय
- करुणा
- नैतिक साहस
- तर्कवाद और वैज्ञानिक सोच
📌 GS-IV & Essay: केस स्टडी और उदाहरण हेतु आदर्श व्यक्तित्व
समकालीन प्रासंगिकता (Current Relevance)
- महिला शिक्षा → समावेशी विकास
- दहेज विरोध → आज भी प्रासंगिक
- सामाजिक समानता → SDG-5 और SDG-10
- नैतिक नेतृत्व → जमीनी स्तर का परिवर्तन
परीक्षा हेतु त्वरित पुनरावृत्ति (Quick Revision)
- सावित्रीबाई फुले (1831–1897)
- भारत की पहली महिला शिक्षिका
- पुणे का पहला बालिका विद्यालय – 1848
- महिला सेवा मंडल
- बालहत्या प्रतिबंधक गृह
- सत्यशोधक विवाह
- हाशिए की जातियों को शिक्षा
- कृतियाँ – काव्यफुले, बावन काशी सुबोध रत्नाकर
📌 UPSC Prelims MCQ Hint
प्रश्न: भारत की पहली महिला शिक्षिका कौन थीं?
उत्तर: सावित्रीबाई फुले
