Ads Area

स्पाइना बिफिडा और फोलिक एसिड | Birth Defect Prevention in India


 

स्पाइना बिफिडा और फोलिक एसिड

खबर में क्यों है?

स्पाइना बिफिडा एक ऐसी जन्म से होने वाली बीमारी है, जिसे काफी हद तक रोका जा सकता है।
फिर भी भारत में हर साल 25,000 से अधिक बच्चे इससे प्रभावित होते हैं।

इसके मुख्य कारण हैं:

  • लोगों में जानकारी की कमी
  • गर्भधारण से पहले फोलिक एसिड लेने पर कोई राष्ट्रीय अभियान नहीं
  • खाद्य पदार्थों में फोलिक एसिड मिलाने की नीति का अभाव

जबकि वैज्ञानिक रूप से यह सिद्ध हो चुका है कि गर्भधारण से पहले फोलिक एसिड लेने से 70% से अधिक मामलों को रोका जा सकता है


स्पाइना बिफिडा क्या है?

स्पाइना बिफिडा रीढ़ की हड्डी से जुड़ा एक जन्म दोष है।

यह तब होता है जब गर्भावस्था के शुरुआती दिनों में:

  • भ्रूण की रीढ़
  • और स्पाइनल कॉर्ड

  • पूरी तरह विकसित नहीं हो पाती।

यह बीमारी क्यों गंभीर है?

स्पाइना बिफिडा के कारण बच्चे को जीवन-भर समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है, जैसे:

  • पैरों में कमजोरी या लकवा
  • पेशाब और मल पर नियंत्रण न रहना
  • हड्डियों में टेढ़ापन
  • मस्तिष्क में पानी भरना (हाइड्रोसेफेलस)

👉 ऐसे बच्चों को जीवन-भर इलाज और देखभाल की जरूरत होती है।


जागरूकता की कमी सबसे बड़ी समस्या क्यों है?

  • अधिकतर माता-पिता:
  • इस बीमारी को जानते ही नहीं
  • यह नहीं जानते कि इसे रोका जा सकता है
  • इलाज और पुनर्वास के बारे में भी अनजान रहते हैं
  • भारत में:

    पोलियो या टीबी जैसा कोई राष्ट्रीय अभियान नहीं
  • प्राथमिक स्वास्थ्य स्तर पर सही सलाह नहीं मिलती

👉 इसलिए यह बीमारी चिकित्सा नहीं, बल्कि नीति और जागरूकता की विफलता बन गई है।


स्पाइना बिफिडा के कारण

इस बीमारी का कोई एक कारण नहीं होता। यह कई कारणों से मिलकर होती है:

  • फोलिक एसिड की कमी
  • आनुवंशिक कारण
  • पर्यावरणीय प्रभाव

महत्वपूर्ण बात

यह बीमारी उस समय हो जाती है जब महिला को यह भी पता नहीं होता कि वह गर्भवती है।
👉 इसलिए गर्भधारण से पहले पोषण बहुत जरूरी है


स्पाइना बिफिडा के प्रकार

1. मायलोमेनिंगोसील (सबसे गंभीर)

  • रीढ़ की नसें बाहर आ जाती हैं
  • गंभीर विकलांगता होती है

2. मेनिंगोसील

  • केवल झिल्लियाँ बाहर आती हैं
  • शल्य चिकित्सा से सुधार संभव

3. स्पाइना बिफिडा ऑकुल्टा (सबसे हल्का)

  • रीढ़ में छोटा सा अंतर
  • अक्सर कोई लक्षण नहीं होते


फोलिक एसिड की भूमिका (रोकथाम)

फोलिक एसिड क्या है?

  • यह एक विटामिन B9 है
  • भ्रूण की नसों और रीढ़ के विकास के लिए जरूरी है

वैज्ञानिक तथ्य

  • गर्भधारण से पहले फोलिक एसिड लेने से
  • 👉 70% से अधिक मामलों को रोका जा सकता है

कब लेना चाहिए?

  • गर्भधारण से पहले
  • गर्भावस्था के शुरुआती हफ्तों में


दूसरे देशों का अनुभव

कई देशों ने:

  • आटा और अनाज में फोलिक एसिड मिलाया
  • राष्ट्रीय जागरूकता अभियान चलाए

  • 👉 नतीजा यह हुआ कि वहाँ यह बीमारी बहुत कम हो गई।


भारत की स्थिति

  • दुनिया में सबसे अधिक मामलों में से एक
  • कोई अनिवार्य फोलिक एसिड फोर्टिफिकेशन नहीं
  • बड़े स्तर पर जागरूकता अभियान नहीं
  • 75% से अधिक बच्चों को सही इलाज नहीं मिल पाता

👉 जबकि रोकथाम का खर्च इलाज से कहीं कम है।


इलाज और प्रबंधन

स्पाइना बिफिडा का पूरा इलाज संभव नहीं है, लेकिन:

  • शुरुआती सर्जरी
  • फिजियोथेरेपी
  • सहायक उपकरण
  • नियमित चिकित्सा देखभाल

से बच्चे बेहतर जीवन जी सकते हैं।

महत्वपूर्ण तथ्य

  • इन बच्चों की बुद्धि सामान्य होती है
  • सही सहायता से वे आत्मनिर्भर बन सकते हैं


आगे का रास्ता

  • राष्ट्रीय जागरूकता अभियान
  • गर्भधारण-पूर्व परामर्श
  • खाद्य पदार्थों में फोलिक एसिड मिलाना
  • मातृ स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना
  • पुनर्वास सुविधाओं का विस्तार


2-मिनट क्विक रिविजन

  • स्पाइना बिफिडा रीढ़ से जुड़ा जन्म दोष
  • गर्भावस्था के शुरुआती समय में होता है
  • 70% मामलों को फोलिक एसिड से रोका जा सकता है
  • भारत में जागरूकता और नीति की कमी
  • रोकथाम सबसे प्रभावी समाधान

Post a Comment

0 Comments