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C-295 परिवहन विमान: भारत का मेड-इन-इंडिया सामरिक विमान | पूरी जानकारी


 

C-295 परिवहन विमान: भारत का स्वदेशी सामरिक एयरलिफ्ट कदम

यह खबरों में क्यों है?

भारत का पहला मेड-इन-इंडिया C-295 परिवहन विमान सितंबर 2026 से पहले वडोदरा (गुजरात) स्थित एयरबस–टाटा फाइनल असेंबली लाइन (FAL) से रोल-आउट होने वाला है।
यह उपलब्धि भारत के रक्षा विनिर्माण, स्वदेशीकरण और निजी क्षेत्र की भागीदारी में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर मानी जा रही है।


C-295 विमान क्या है?

C-295 एक मध्यम श्रेणी का, ट्विन-इंजन टर्बोप्रॉप सामरिक परिवहन विमान है।
इसे विशेष रूप से सैन्य लॉजिस्टिक्स और बहु-भूमिकीय अभियानों के लिए डिज़ाइन किया गया है।

मुख्य उपयोग:

  • सैनिक और माल परिवहन
  • आपदा राहत व मानवीय सहायता (HADR)
  • चिकित्सा निकासी (Medical Evacuation)
  • विशेष सैन्य मिशन
  • यह एक परिवहन विमान है, लड़ाकू विमान नहीं।


मुख्य तकनीकी विशेषताएँ

  • इंजन: ट्विन-इंजन टर्बोप्रॉप
  • एंड्यूरेंस (उड़ान सहनशीलता): लगभग 11 घंटे
  • पेलोड क्षमता: लगभग 9 टन

  • STOL क्षमता (Short Take-Off and Landing)

    छोटे और अर्ध-तैयार रनवे से संचालन
  • पहाड़ी, सीमावर्ती और द्वीपीय क्षेत्रों के लिए उपयुक्त

निर्माण और स्वदेशीकरण

  • निर्माण स्थल: वडोदरा, गुजरात
  • साझेदारी: एयरबस और टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड

महत्व:

  • भारत में पहली बार निजी क्षेत्र द्वारा सैन्य परिवहन विमान का निर्माण
  • स्वदेशी एयरोस्पेस उद्योग और MSMEs को बढ़ावा
  • Make in India और आत्मनिर्भर भारत (रक्षा) को मजबूती


भारत के लिए परिचालन महत्व

  • भारतीय वायु सेना के पुराने Avro-748 विमानों का स्थानापन्न
  • बढ़ाता है:

    सामरिक एयरलिफ्ट क्षमता
  • त्वरित आपदा प्रतिक्रिया
  • सीमावर्ती और द्वीपीय क्षेत्रों से संपर्क
  • सैन्य लॉजिस्टिक आत्मनिर्भरता

संक्षेप में

C-295 परिवहन विमान भारत की रक्षा क्षमताओं को सुदृढ़ करने के साथ-साथ देश में स्वदेशी रक्षा उत्पादन और निजी क्षेत्र की भागीदारी को नई दिशा देता है। यह विमान भविष्य में भारतीय वायु सेना की लॉजिस्टिक रीढ़ का एक अहम हिस्सा बनेगा।

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