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ICE क्लाउड: C-DAC का स्वदेशी AI-HPC प्लेटफ़ॉर्म | UPSC PCS


 

ICE क्लाउड: भारत का स्वदेशी AI–HPC डिजिटल अनुसंधान प्लेटफ़ॉर्म

भारत तेजी से ज्ञान-आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है, जहाँ वैज्ञानिक अनुसंधान, डेटा विश्लेषण और उन्नत प्रौद्योगिकियाँ विकास की धुरी बन चुकी हैं। इसी संदर्भ में ICE क्लाउड एक महत्वपूर्ण स्वदेशी पहल के रूप में उभरा है, जिसे उन्नत संगणन विकास केंद्र (C-DAC) द्वारा विकसित किया गया है।
हाल ही में ICE क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म की क्षमताओं में बड़े विस्तार की घोषणा की गई है, जिससे भारत की डिजिटल अनुसंधान अवसंरचना को नई मजबूती मिली है।

यह पहल UPSC और राज्य PCS परीक्षाओं के लिए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसे विषयों से सीधे जुड़ी हुई है।


ICE क्लाउड खबरों में क्यों है?

C-DAC ने ICE क्लाउड की क्षमताओं का विस्तार करते हुए इसे अधिक उन्नत, सुलभ और बहु-क्षेत्रीय बना दिया है।
इस विस्तार का उद्देश्य भारत में:

  • वैज्ञानिक अनुसंधान को गति देना
  • AI और HPC (High Performance Computing) तक व्यापक पहुँच सुनिश्चित करना
  • विदेशी क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म पर निर्भरता कम करना

📌 परीक्षा दृष्टिकोण से यह पहल स्वदेशी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म, अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र और उन्नत प्रौद्योगिकियों के उपयोग से जुड़ी हुई है।


ICE क्लाउड क्या है?

ICE क्लाउड एक स्वदेशी, एंड-टू-एंड डिजिटल अनुसंधान प्लेटफ़ॉर्म है, जो जटिल वैज्ञानिक और तकनीकी अनुसंधान को सक्षम बनाता है।
यह प्लेटफ़ॉर्म मुख्य रूप से तीन स्तंभों पर आधारित है:

  1. कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI)
  2. उच्च-प्रदर्शन संगणन (HPC)
  3. क्लाउड-आधारित टूल्स और सहयोग

सरल शब्दों में, ICE क्लाउड को भारत के वैज्ञानिक समुदाय के लिए “Research-as-a-Service” मॉडल के रूप में समझा जा सकता है, जहाँ शोधकर्ता बिना महँगी निजी अवसंरचना बनाए उन्नत संसाधनों का उपयोग कर सकते हैं।


ICE क्लाउड की मुख्य विशेषताएँ

ICE क्लाउड को विशेष रूप से आधुनिक अनुसंधान आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है।

1. स्वदेशी डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म

  • पूरी तरह भारत में विकसित
  • डेटा संप्रभुता (Data Sovereignty) सुनिश्चित करता है

2. उन्नत संगणन संसाधनों तक आसान पहुँच

  • सुपरकंप्यूटर
  • AI/ML टूल्स
  • बड़े पैमाने का डेटा प्रोसेसिंग

3. पुनरुत्पाद्य अनुसंधान (Reproducible Research)

  • प्रयोग दोहराने पर समान परिणाम
  • वैज्ञानिक विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ाता है

📌 परीक्षा बिंदु: पुनरुत्पाद्यता आधुनिक वैज्ञानिक अनुसंधान का वैश्विक मानक है।

4. ओपन-एक्सेस प्लेटफ़ॉर्म

  • छात्रों और स्टार्ट-अप्स के लिए भी उपलब्ध
  • नवाचार को बढ़ावा


ICE क्लाउड कौन-कौन सी सेवाएँ प्रदान करता है?

ICE क्लाउड एक व्यापक सेवा स्टैक प्रदान करता है, जिसमें शामिल हैं:

  • डेटा स्टोरेज सेवाएँ
  • बायोइन्फ़ॉर्मेटिक्स टूल्स
  • वर्चुअल होस्टिंग
  • पाइपलाइन निष्पादन (Automated Workflows)
  • AI-आधारित विज़ुअलाइज़ेशन
  • क्लाउड-आधारित विकास परिवेश
  • निर्बाध सहयोग सुविधाएँ

👉 इससे शोधकर्ताओं को अलग-अलग महँगी और जटिल अवसंरचना विकसित करने की आवश्यकता नहीं रहती।


ICE क्लाउड द्वारा समर्थित उन्नत क्षेत्र

विस्तारित ICE क्लाउड अब कई सीमांत प्रौद्योगिकियों का समर्थन करता है:

  • कृत्रिम बुद्धिमत्ता और मशीन लर्निंग
  • क्वांटम प्रौद्योगिकियाँ
  • सिमुलेशन आधारित अध्ययन
  • सॉफ़्टवेयर विकास
  • डेटा-गहन विज्ञान (Data-Intensive Science)

📌 UPSC GS-3 लिंक: भारत का फोकस सीमांत और उभरती प्रौद्योगिकियों पर।


ICE क्लाउड का उपयोग कौन कर सकता है?

ICE क्लाउड को समावेशी दृष्टिकोण के साथ विकसित किया गया है।

यह उपलब्ध है:

  • छात्रों के लिए
  • वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं के लिए
  • स्टार्ट-अप्स और डेवलपर्स के लिए
  • उद्योग एवं कॉर्पोरेट उपयोगकर्ताओं के लिए

👉 यह शिक्षा-उद्योग सहयोग और नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देता है।


ICE क्लाउड के उपयोग के उदाहरण

  • अनुसंधान संस्थान: बड़े पैमाने के सिमुलेशन और AI मॉडल
  • शोधकर्ता: डेटा विश्लेषण और पुनरुत्पाद्य प्रयोग
  • स्टार्ट-अप्स: उत्पाद परीक्षण और नवाचार
  • उद्योग: अनुसंधान एवं विकास (R&D)


वित्तपोषण और संस्थागत समर्थन

  • ICE क्लाउड को जैव प्रौद्योगिकी विभाग (DBT) द्वारा वित्तपोषित किया गया है
  • उद्देश्य: भारत के वैज्ञानिक अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करना

📌 परीक्षा से जुड़ाव: DBT + डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म = जैव-प्रौद्योगिकी अनुसंधान को बढ़ावा।


भारत के लिए ICE क्लाउड का महत्व

ICE क्लाउड भारत के लिए कई स्तरों पर महत्वपूर्ण है:

  • विदेशी क्लाउड प्लेटफ़ॉर्म पर निर्भरता कम करता है
  • HPC और AI तक पहुँच का लोकतंत्रीकरण करता है
  • स्वदेशी अनुसंधान एवं विकास को बढ़ावा देता है

  • निम्न पहलों के अनुरूप है:

    डिजिटल इंडिया
  • आत्मनिर्भर भारत
  • राष्ट्रीय AI मिशन
  • राष्ट्रीय क्वांटम मिशन

निष्कर्ष

ICE क्लाउड भारत की डिजिटल और वैज्ञानिक यात्रा में एक निर्णायक कदम है। यह न केवल उन्नत अनुसंधान को सुलभ बनाता है, बल्कि भारत को वैश्विक ज्ञान और नवाचार मानचित्र पर मजबूती से स्थापित करने की क्षमता रखता है।
UPSC और PCS परीक्षाओं के लिए यह विषय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, डिजिटल गवर्नेंस और आत्मनिर्भर भारत के संदर्भ में अत्यंत महत्वपूर्ण है।




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